रिफ्रैक्ट्रीज़ सेक्टर स्टॉक
रिफ्रैक्टरी सेक्टर की कंपनियों की लिस्ट
| कंपनी का नाम | LTP | वॉल्यूम | % बदलाव | 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर | 52 सप्ताह का निम्नतम स्तर | मार्केट कैप (करोड़ में) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| आईएफजीएल रिफेक्टोरिस लिमिटेड | 198 | 50488 | 3.88 | 338 | 119.68 | 1427.2 |
| मोनोलिथिश इन्डीया लिमिटेड | 695 | 83750 | 3.06 | 710 | 219.45 | 1510.7 |
| ओरिएन्ट सेराटेक लिमिटेड | 38.18 | 56770 | 0.71 | 56.64 | 34 | 456.8 |
| राघव प्रोडक्टिविटी एन्हान्सर्स लिमिटेड | 1122.4 | 133457 | 2.95 | 1129 | 561.3 | 5154.3 |
| रिफेक्टोरी शेप्स लिमिटेड | 32 | 5000 | -1.54 | 68.9 | 28.65 | 69.8 |
| आरएचआई मेग्नेसिटा इन्डीया लिमिटेड | 379.85 | 138165 | 0.69 | 537.7 | 323.05 | 7844 |
| एसपी रिफेक्टोरिस लिमिटेड | 82.75 | 2400 | 0.06 | 199.4 | 74.5 | 14.8 |
| वेसीवियस इन्डीया लिमिटेड | 460.35 | 50492 | -1.62 | 646 | 430.3 | 9343.3 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में रिफ्रैक्ट्री सेक्टर क्या है?
इसमें फर्नेस और किलन के लिए हीट-रेजिस्टेंट मटीरियल बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं.
रिफ्रैक्ट्री सेक्टर महत्वपूर्ण क्यों है?
यह उच्च तापमान के संचालन को सक्षम करके स्टील, सीमेंट और ग्लास उद्योगों को सपोर्ट करता है.
रिफ्रैक्ट्री सेक्टर से कौन से उद्योग जुड़े हुए हैं?
लिंक्ड इंडस्ट्रीज़ में स्टील, सीमेंट और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं.
रिफ्रैक्ट्री सेक्टर में विकास को क्या बढ़ाता है?
इस्पात उत्पादन और बुनियादी ढांचे की मांग से विकास होता है.
इस सेक्टर को कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
चुनौतियों में कच्चे माल की लागत और ऊर्जा की तीव्रता शामिल है.
भारत में यह सेक्टर कितना बड़ा है?
यह भारी उद्योग आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक विशिष्ट लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा है.
इस सेक्टर के लिए भविष्य का दृष्टिकोण क्या है?
अवसंरचना और इस्पात क्षमता के विस्तार के साथ आउटलुक पॉजिटिव है.
इस सेक्टर में प्रमुख खिलाड़ी कौन हैं?
खिलाड़ियों में घरेलू रिफ्रैक्टरी निर्माता और वैश्विक आपूर्तिकर्ता शामिल हैं.
सरकार की नीति इस क्षेत्र को कैसे प्रभावित करती है?
खनन कानूनों और औद्योगिक नियमों के माध्यम से नीतिगत प्रभाव.
