रिफ्रैक्ट्रीज सेक्टर के स्टॉक
रिफ्रैक्ट्री सेक्टर कंपनियों की लिस्ट
| कंपनी का नाम | एलटीपी | वॉल्यूम | % बदलें | 52 सप्ताह उच्च | 52 सप्ताह निम्न | मार्केट कैप (करोड़ में) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| आईएफजीएल रिफ्रेक्टोरिस लिमिटेड | 206.08 | 43879 | -3.04 | 338 | 119.68 | 1485.4 |
| मोनोलिथिश इन्डीया लिमिटेड | 1432.55 | 108250 | -0.96 | 1505 | 367 | 3113.8 |
| ओरिएन्ट सेराटेक लिमिटेड | 46.01 | 66767 | -1.44 | 56.64 | 34 | 550.5 |
| राघव प्रोडक्टिविटी एन्हान्सर्स लिमिटेड | 1845.2 | 183968 | 5.83 | 1943.7 | 561.3 | 8473.5 |
| रिफ्रेक्टोरी शेप्स लिमिटेड | 26.15 | 14000 | 4.81 | 61.2 | 23.15 | 57 |
| आरएचआई मेग्नेसिटा इन्डीया लिमिटेड | 375.8 | 121746 | -0.77 | 508.3 | 323.05 | 7760.3 |
| एसपी रिफ्रेक्टोरिस लिमिटेड | 102 | 800 | - | 199.4 | 74.5 | 18.3 |
| वेसुवियस इन्डीया लिमिटेड | 413.05 | 34976 | -0.73 | 607.9 | 403.95 | 8383.3 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में रिफ्रैक्ट्री सेक्टर क्या है?
इसमें फर्नेस और किलन के लिए हीट-रेसिस्टेंट मटीरियल बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं.
रिफ्रैक्ट्री सेक्टर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह हाई-टेम्परेचर ऑपरेशन को सक्षम करके स्टील, सीमेंट और ग्लास उद्योगों को सपोर्ट करता है.
किन उद्योगों को रिफ्रैक्ट्री सेक्टर से जोड़ा जाता है?
जुड़े उद्योगों में स्टील, सीमेंट और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं.
रिफ्रैक्ट्रीज़ सेक्टर में क्या वृद्धि को बढ़ावा देता है?
इस्पात उत्पादन और बुनियादी ढांचे की मांग से विकास को बढ़ावा मिलता है.
इस सेक्टर को कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
चुनौतियों में कच्चे माल की लागत और ऊर्जा की तीव्रता शामिल हैं.
भारत में यह सेक्टर कितना बड़ा है?
यह भारी उद्योग आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक विशिष्ट लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा है.
इस सेक्टर के लिए भविष्य का दृष्टिकोण क्या है?
बुनियादी ढांचे और इस्पात क्षमता के विस्तार के साथ दृष्टिकोण सकारात्मक है.
इस सेक्टर में प्रमुख खिलाड़ी कौन हैं?
खिलाड़ियों में घरेलू रिफ्रैक्टरी निर्माता और वैश्विक आपूर्तिकर्ता शामिल हैं.
सरकार की नीति इस क्षेत्र को कैसे प्रभावित करती है?
नीति खनन कानूनों और औद्योगिक विनियमों के माध्यम से प्रभावित होती है.
